हैरत

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निर्वाचन प्रणाली में सुधार की दरकार, राइट टू रिकॉल (Right to Recall) व राइट टू रिजेक्ट (Right to Reject) की प्रासंगिकता

Posted On: 10 Feb, 2012 Others में

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यदि भारतीय निर्वाचन प्रणाली में सुधार की बात करें तो यह एक निश्चित ही क्रांतिकारी पहल है .आज राइट टू रिजेक्ट और राइट टू रीकॉल के अलावा भी कई और सुधार के पहलू हैं ,जिसमे से कुछ प्रमुख अग्रलिखित हैं — “मतदान मे नकारात्मक वोटिंग का अधिकार”, “किसी भी प्रत्याशी को जीत के लिए एक न्यूनतम वोट प्रतिशत का लक्ष्य निर्धारित करना”, क्योंकि आज भारतीय राजनीति एक ऐसे रास्ते पर चल पड़ी है जो कहीं से भी देश के भविष्य और लोकतंत्र को मज़बूत करते हुए नही दिख रही है . भारत के लोकतांत्रिक संपदा के संरक्षण के लिए ऐसे ही चुनाव सुधार रूपी हथियारों की ज़रूरत है जो विश्‍व के इस सबसे बड़े लोकतंत्र का गौरव बनाए रखे.

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नवीनतम प्रतिक्रियाएंLatest Comments

abhishektripathi के द्वारा
February 13, 2012

सादर प्रणाम! मैं मतदाता अधिकार के लिए एक अभियान चला रहा हूँ! कृपया मेरा ब्लॉग abhishektripathi.jagranjunction.com ”अयोग्य प्रत्याशियों के खिलाफ मेंरा शपथ पत्र के माध्यम से मत!” पढ़कर मुझे समर्थन दें! मुझे आपके मूल्यवान समर्थन की जरुरत है!

dineshaastik के द्वारा
February 13, 2012

अच्छे एवं लोकतंत्र को मजबूत करने वाले सुझाव…….. http://dineshaastik.jagranjunction.com/बहस

Jamuna के द्वारा
February 11, 2012

अच्छी पहल,


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